ट्राॅमा देखभाल

चिकित्सा हेतु तैयारी और बड़ी दुर्घटना प्रबंधन

भारत ने कई प्राकृतिक एवं मानव-जनित आपदाओं को झेला है जिनमें बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए। चिकित्सा हेतु तैयारी और बड़ी दुर्घटना तैयारी प्रबंधन आपदा प्रबंधन का एक अंनिवार्य संघटक है।

एनडीएमए ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और राज्य सरकारों के साथ भागीदारी से इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में तैयारी बढ़ाने के लिए संयुक्त कदम उठाए हैं। कुछ परियोजनाए जैसे राज्य में एम्बुलेंस सेवाओं में बढ़ोतरी, जैव सुरक्षा प्रयोगषालाओं का उन्नयन और ट्राॅमा केंद्रों का सृजन कार्य अभी दूरगामी योजना है। हितधारकों के बीच जागरुकता पैदा करने के लिए अस्पतालों की तैयारी और बड़ी दुर्घटना प्रबंधन में कृत्रिम अभ्यास भी संचालित किया गया है। इन पहलुओं को संपूर्ण रूप से इस विशय पर एनडीएमए द्वारा जारी दिषानिर्देषों में कवर किया गया है।

 

जयप्रकाष नारायण एपेक्स ट्राॅमा केंद्र (जेपीएनएटीसी) में उन्नत ट्राॅमा जीवन सहायता परियोजना पर प्रायोगिक परियोजना।

(परियोजना लागतः 1.18 करोड़ रुपए) 

जयप्रकाष नारायण एपेक्स ट्राॅमा केंद्र (जेपीएनएटीसी) के सहयोग से एनडीएमए ने जेपीएनएटीसी में उन्नत ट्राॅमा जीवन सहायता परियोजना पर एक प्रायोगिक परियोजना का काम षुरू किया है। इस परियोजना  को प्रारंभ में असम, बिहार और आंध्र प्रदेष जैसे असुरक्षित तथा आपदा-प्रवण राज्यों में कारगर ट्राॅमा देखभाल प्रदान करने तथा आपदा परिस्थितियों की चुनौतियों से निपटने के लिए ट्राॅमा जीवन सहायता हेतु समर्पित एवं सुप्रषिक्षित डाॅक्टरों, नर्सों और अर्द्ध-चिकित्सा स्टाफ तैयार करने हेतु मानव संसाधन विकसित करने के लिए डिजाइन किया गया था। संस्थान ने परियोजना की मसौदा रिपोर्ट प्रस्तुत की है जिसमें यह बताया गया है कि कुल 129 भागीदारों ने उन्नत ट्राॅमा जीवन सहायता पर प्रषिक्षण में भाग लिया और उसे पूरा किया। इसके अलावा 131 भागीदारों ने ग्रामीण ट्राॅमा टीम विकास पाठ्यक्रम में भाग लिया और पाठ्यक्रम पूरा किया। 53 नर्सों ने भी नर्स पाठ्यक्रम के लिए सफलतापूर्वक उन्नत ट्राॅमा देखभाल कोर्स पूरा किया।