भूमिका तथा उतरदायित्व

  • विभिन्न अपेक्षित दखलों (इंटरवेशंस) की पहचान तथा विवरण के साथ-साथ प्रशमन परियोजनाओं की रूपरेखा तथा परिभाषा तय करना। इन कामों को एक समावेशी तथा भागीदारी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा जिसमें केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों/राज्य सरकारों/संघ राज्य क्षेत्रों तथा अन्य हितधारकों के साथ व्यापक परामर्श करना शामिल है।
  • सभी सहायक प्रणालियों अर्थात् वितीय, तकनीकी तथा प्रबंधकीय संसाधनों, के साथ-साथ अपेक्षित प्रौद्योगिकीय तथा विधिक प्रणालियों का उचित वर्णन करने वाली विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करना। इसके लिए सरकार के नियम तथा विनियमों के अनुसार अपेक्षिेत आधार पर विषेशज्ञों/एजेंसियों को विनियोजित करना जरूरी होगा।

 

मंत्रिमंडल टिप्पणी के अनुसार संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी उप प्रभाग के उत्तरदायित्व

  1. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन सेवा (एन.डी.एम.एस.) प्रायोगिक परियोजना का निर्माण तथा कार्यान्वयन और आॅफ-साइट नाभिकीय आपात-स्थितियों से निपटने के लिए निर्णय समर्थन प्रणाली (डी.एस.एस.एन.ओ.ई.)।
  2. एन.डी.एम.ए. में स्थानीय क्षेत्रीय नेटवर्क (एल.ए.एन.) और व्यापक क्षेत्रीय नेटवर्क (डब्ल्यू.ए.एन.) की स्थापना तथा प्रबंधन। 
  3. नोडल मंत्रालयों, पूर्वानुमान तथा पूर्व-चेतावनी अभिकरणों के साथ संपर्क (इंटरेक्शन) करने का काम।
  4. सूचना प्रौद्योगिकी तथा संचार संबंधी मामलों पर केंद्रीय तथा राज्य सरकारों और संबंधित विभागों के साथ संपर्क (इंटरेक्शन) करने का काम।
  5. सूचना प्रौद्योगिकी तथा संचार संबंधी मामलों पर एन.डी.आर.एफ. की बटालियनों को सलाह देना।
  6. सेवा प्रदाताओं के साथ संपर्क बनाए रखना।