राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भारत सरकार

क्या करें, क्या न करें

रायायनिक (औद्योगिक) दुर्घटनाओं के दौरान तथा बाद में रखी जाने वाली सावधानियां:-

  1. घबराएं नहीं, षांति से दुर्घटना स्थल से बाहर आएं तथा तय किए गए बाहर निकलने के रास्ते के द्वारा हवा की दिषा के लंबवत् चलें।
  2. बाहर निकलने के दौरान चेहरे को गीले रूमाल अथवा कपड़े/साड़ी से ढक लें।
  3. बीमार, बुजुर्ग, कमजोर, विकलांग तथा अन्य लोगों जो बाहर निकलने में असमर्थ हों] उनको घर के अंदर ही रखें तथा सभी दरवाजों तथा खिड़कियों को अच्छी तरह बंद कर दें।
  4. हवा में खुला रखा हुआ बिना ढका खाना/पानी आदि को ग्रहण न करें] केवल बोतल से ही पानी पीएं।
  5. सुरक्षित स्थान/षरण-स्थल पर पहुंचने के बाद कपड़े बदल लें और हाथों को अच्छी तरह धोएं।
  6. सुरक्षित स्थान पर पहुंच कर क्रमषः 101, 100 तथा 108 नंबर पर फोन करके अग्नि षमन नियंत्रण केंद्र तथा आपातकालीन सेवाओं, पुलिस तथा चिकित्सा सेवाओं को सूचित करें।
  7. संयंत्र/कारखाने के पीए (जन समाधान) तंत्र, स्थानीय रेडियो/टीवी चैनलों को जिला प्रषासन/अग्नि षमन केंद्र/चिकित्सा/पुलिस तथा अन्य संबंधित प्राधिकरणों की सलाह लेने के लिए सुनें।
  8. सरकारी कर्मचारियों को सही तथा सटीक जानकारी दें।
  9. जन-एकत्रण स्थल (जैसे स्कूल, शॉपिंग सेंटरों, थिएटर आदि) पर घटना के होने के बारे में दूसरों को बताएं।
  10. अफवाहों पर ध्यान न दें तथा अफवाहों को नहीं फैलाएं।

सामान्य समय के दौरान बरते जाने वाली आगामी सावधानियां

  1. चिह्नित खतरनाक इलाके में धूम्रपान न करें, आग अथवा चिंगारी (स्पार्क) न भड़काएं।
  2. औद्योगिक इकाइयों के पास रहने वाले समुदाय को इसके बारे में जागृत करें तथा उनको औद्योगिक इकाइयों तथा उससे जुड़े जोखिमों की प्रकृति के बारे में अधिक सतर्क रहना चाहिए।
  3. आपातकालीन उपयोग के लिए निकटतम खतरनाक रासायनिक उद्योग, फायर स्टेषन, पुलिस थानों, नियंत्रण कक्ष, स्वास्थ्य चिकित्सा सेवाओं तथा जिला नियंत्रण कक्ष के संपर्क नंबरों को अपने पास रखें।
  4. खतरनाक रसायनों का निर्माण करने वाले अथवा उनकी प्रोसेसिंग करने वाले उद्योगों के पास मकान न बनाएं, यदि संभव हो।
  5. सरकारी/स्वैच्छिक संगठन/औद्योगिक इकाइयों द्वारा आयोजित सभी क्षमता निर्माण कार्यक्रमों में भाग लेना।
  6. समुदाय हेतु आपदा प्रबंधन योजना तैयार करने की प्रक्रिया में भाग लेना, सुरक्षित तथा सुगम पहुंच मार्ग वाले सुरक्षित षरण-स्थल की पहचान करना।
  7. एक पारिवारिक आपदा प्रबंधन योजना तैयार करना तथा इसे सभी पारिवारिक सदस्यों को स्पश्ट करना।
  8. विभिन्न विशैले/खतरनाक रसायनों की बुनियादी विषेशताओं के बारे में अपने परिवार/पड़ोसियों को सतर्क करना तथा उनके उपचार के लिए जरूरी प्राथमिक सहायता के बारे में बताना।
  9. आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में वैयक्तिक संरक्षण उपकरणों (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट्स) को उपलब्ध कराया जाना आवष्यक है।
  10. दवा, दस्तावेज तथा कीमती रसायनों समेत घर में रखी आवष्यक मदांे तथा वस्तुओं का एक आपातकालीन थैला (इमरजेंसी किट) तैयार करना।