पुनर्बहाली और निर्माण

षांत रहे तथा सतर्क एवं जागरुक रहें, मौसम केंद्र से जारी होने वाली भारी बारिष तथा दीर्घावधिक बारिष की चेतावनी को ध्यान से सुनें, यदि आपका घर मलबे से ढके इलाके से नीचे की ओर स्थित हो तो सुरक्षित स्थान पर चले जाएं, चट्टान गिरने की आवाजों, मलबा खिसकने, पेड़ों के टूटने अथवा जमीन में पड़ने वाली दरारों अथवा किसी भी हलचल की आवाज को ध्यान से सुनें। रात के लिए एक बैटरी चालित टॉर्च तैयार रखें।

रेस्क्यू टीम को बुलाएं तथा उनकी मदद करें, पेयजल बर्तनों, प्लास्टिक सहायता थैला तथा अनिवार्य दवाइयों के साथ तैयार रहें और क्षतिग्रस्त मकानों में घुसने से बचें।

यदि नदी के पास रहते हों तो बाढ़ के पानी का ख्याल रखें, उन लोगों विषेश रूप से बुजुर्ग, बच्चें तथा महिलाएं जिन्हें खास तौर पर सहायता की जरूरत है, की

मदद करें। क्षतिग्रस्त मकानों, सड़कों आदि के पुनर्निर्माण के लिए स्थानीय प्राधिकरणों से सलाह मांगें। सड़कों, बिजली तथा टेलीफोन की तारों को हुई किसी क्षति के लिए संबंधित प्राधिकारियों को रिपोर्ट करें।